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‘मीट द प्रेस’ में बीकानेर कलेक्टर से क्या बोले पत्रकार?

अब श्रीमती नम्रता वृष्णि बीकानेर की नई ‘कलेक्टर’ बन गई हैं। ज़िला कलेक्टर का कार्यभार संभालते ही वे कलेक्ट्रेट सभागार में मीडिया से रू-ब-रू हुईं। इस बैठक में पत्रकारों ने बीकानेर के हालातों को लेकर जो तस्वीर खींची, उससे पता चलता है कि पिछले काफी समय से बीकानेर का विकास ठप पड़ा है। पत्रकारों ने एक के बाद एक कई सारी समस्याओं का खुलकर जिक्र किया।

करणी नगर इंडस्ट्रियल एरिया, सुजानदेसर में गंदे पानी का ठहराव, औद्योगिक विकास के लम्बित काम, गजनेर इंडस्ट्रियल एरिया का विकास, सिरेमिक्स हब, मेगा फूड पार्क, बीकानेर का मास्टर प्लान, सिवरेज, रानी बाजार का अंडर ब्रिज, नगर विकास न्यास में अनियमिताएं समेत कई ज्वलंत मुद्दे उनके सामने रखे। पत्रकारों ने कलेक्टर से कोटगेट रेलवे क्रॉसिंग पर एलिवेटेड रोड बनाने को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।

‘मीट द प्रेस’ में पत्रकारों ने नई कलक्टर के सामने जो खाका खींचा वो राजनीति करने वाले जनप्रतिनिधियों पर सवाल है। हालांकि पत्रकारों ने हालातों पर सवाल सहज रूप से उठाए। किसी नेता या अधिकारी का उल्लेख नहीं किया। पत्रकारों की ओर से सहज रूप में उठाए गए मुद्दों में प्रेस की जनहित गंभीरता और जिम्मेदारी का अहसास करवाया। कलेक्टर की इस ‘मीट द प्रेस’ का सार यह निकलकर आया कि बीकानेर के नेता जन समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर कुछ नहीं कर पा रहे है। पिछला प्रशासन तो सरकारी योजनाओं की समीक्षा और आदेशों की पालना में ही लगा रहा। जनता की समस्या और मुद्दे जहां के तहां पड़े हैं।

जाहिर है, प्रेस द्वारा उठाए मुद्दे नेताओं और अफसरों को सवालों के कटघरे में खड़ा करते हैं। पत्रकारों ने बिना किसी को इंगित किए प्रमाणित कर दिया पिछला जिला प्रशासन नकारा रहा। नेताओं ने कोई जिम्मेदारी नहीं निभाई। यू आई टी की कार्य प्रणाली पर कई बिंदु रखे। अवैध कब्जे, अवैध कॉलोनियां, फर्जी आदेश और विकास के काम नहीं होने की बात कही। कलेक्टर ने सारी बात सुनीं, वे बीकानेर के हालातों से अपडेट हुईं और प्रेस मीट में आए पत्रकारों को धन्यवाद दिया। बीकानेर की जनता को उनसे काफी उम्मीदें हैं। देखते हैं वे उन उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाती हैं।

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