विमर्श : मनेरगा योजना का नाम बदलने का ‘पंचायत व स्थानीय निकाय चुनाव’ पर क्या असर पड़ेगा?

हेम शर्मा

मोदी सरकार ने ‘मनरेगा योजना’ का नाम बदलकर ‘वीबी- जी राम जी योजना’ कर दिया है। जिसके बाद राजस्थान में यह मुद्दा एक बड़े राजनीतिक मुद्दे में तब्दील हो गया है। लगता है, कांग्रेस अगला पंचायत चुनाव इसी मुद्दे पर लड़ने जा रही है। ऐसा इसलिये क्योंकि वो मुद्दे को लेकर व्यूह-रचना रचती दिखाई देती है। राष्ट्रीय कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस और जिला कांग्रेस एक घोषित कार्य योजना के तहत अभियान चला रही है। यह अभियान जिला स्तर से लेकर ग्राम और वार्ड स्तर पर चलाया जा रहा है। यानी इस मुद्दे पर कांग्रेस के सब नेता एक जाजम पर हैं।

जाहिरी तौर पर कांग्रेस की इस सक्रियता का असर प्रदेश की भाजपा सरकार और संगठन पर पड़ा है। बीजेपी इससे बचाव के लिये दल-बल के साथ उतर गई है। बीजेपी चाहती है कि कांग्रेस का ये अभियान बेअसर हो। इसके लिये भाजपा संगठन ने ‘वीबी- जी राम जी योजना’ के प्रचार-प्रसार और संगठन में प्रभारी भी नियुक्त कर दिये हैं। इतना ही नहीं, बीकानेर जिले के प्रभारी मंत्री और अन्य मंत्री भी इस योजना के पक्ष में सरकार का लॉजिक रख रहे हैं।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री तथा जिला प्रभारी मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर हाल ही बीकानेर दौरे पर थे। तब उन्होंने कहा था कि “विकसित भारत -जी राम जी’ योजना से गांवों में रोजगार और आत्मनिर्भरता की क्रान्ति आएगी। ग्रामीण जीवन में बड़े बदलाव आएंगे। हमारी ‘वीबी भारत-जी राम जी’ योजना, सिर्फ रोजग़ार का वादा नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका की गारंटी है। यह योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाकर विकसित भारत की नींव मजबूत करेगी।

इसे फकत खींवसर का ही बयान ही नहीं, बल्कि पूरी बीजेपी का भी बयान कहा जा सकता है। इस दावे के विरोध में कांग्रेस ने देशव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। बीकानेर में कांग्रेस ने महात्मा गांधी समाधि के आगे एक दिन का उपवास से अभियान की शुरुआत की है। कांग्रेस से बीकानेर की प्रभारी विधायक शिमला नायक ने बीकानेर 25 फरवरी तक ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर के विरोध-प्रदर्शन का कैलेंडर जारी कर दिया है। नायक ने कहा कि “मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है. केंद्र सरकार योजना का नाम बदलकर और नियमों में बदलाव कर इस ऐतिहासिक योजना को कमजोर करना चाहती है।”

कांग्रेस ने इस मुद्दे को गांव-गांव तक ले जाने की रणनीति बनाई है। बीकानेर देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग के नेतृत्व में कांग्रेस संगठित रूप से धरातल पर काम कर रही है। इसमें शहर जिलाध्यक्ष मदन मेघवाल, पूर्व मंत्री वीरेन्द्र बेनीवाल, पूर्व मंत्री भंवर सिंह भाटी, पूर्व विधायक मंगला राम गोदारा समेत अन्य नेता और संगठन के पदाधिकारी एकजुट हैं।

इस योजना की क्रियान्विति के क्या परिणाम होंगे यह तो समय ही बताएगा। कांग्रेस की मनरेगा की तरफदारी और विकसित भारत-जीरामजी योजना’ की आलोचना एक बात है। वहीं भाजपा की विकसित भारत-जीरामजी योजना’ की वकालत अपनी जगह। ख़ास बात यह है कि इस मुद्दे कांग्रेस-बीजेपी की खींचातानी का असर ‘पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव’ में दिख सकता है।

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