मेरी बात : मोदी जी ! जो बात आपके ‘मंतरी’ न कह सके, वो राजस्थानी लेखक की ‘ख़ामोशी’ कह गई
कहते हैं- ख़ामोशी में बहुत तेज़ ‘गूंज’ होती है। लेकिन.. इसे सुन वही सकता है, जिसमें उसे सुनने की क्षमता
30/11/2025
कहते हैं- ख़ामोशी में बहुत तेज़ ‘गूंज’ होती है। लेकिन.. इसे सुन वही सकता है, जिसमें उसे सुनने की क्षमता
बात पिछले साल की है। राजस्थान में चुनावी मौसम चल रहा था। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी का जयपुर दौरा
राजस्थान में गाय के गोबर से बायोगैस, जैव ईंधन और जैव-उर्वरक बनाने का माडल प्रस्तावित किया गया है। इसके साथ
मनोहर चावला ने पत्रकारिता धर्म को जीया है। उन्होंने कई कष्ट झेलते हुए ‘लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ’ की महत्ता को
राष्ट्रीय लोकतंत्र के भीतर भी देश में एक लोकतंत्र है। जातीय संगठन, सामाजिक संगठन और विभिन्न संस्थाओं के भी चुनाव
आज दशहरा है। आज ही तो पुरुषोत्तम श्रीराम ने लंकापति रावण का संहार किया था। आज ही के दिन दंभ
लोकतंत्र में धरना-प्रदर्शन, रैली-अनशन, महापड़ाव क्यों किए जाते हैं? देवीसिंह भाटी ने गोचर की भूमि ई-बस डिपो को आवंटित होने
“मैं बिल्कुल ठीक हूं। ज्यादा उम्र के कारण रुटीन चेकअप के लिए अस्पताल गया था। चिंता की कोई बात नहीं
मानव प्रबोधन प्रन्यास ने पिछले तीन दशकों से गीता ज्ञान परीक्षा आयोजित कर रहा है। इस परीक्षा के माध्यम से
राजस्थान में नोखा नगर पालिका बोर्ड ही ऐसा है, जो भाजपा या कांग्रेस का नहीं विकास मंच ने चुनाव जीतकर