
दुनिया में भारत ही एक ऐसा देश है, जहां गो आधारित उद्यमिता तकनीकी के विकास से नया उद्योग सेक्टर स्थापित हो सकता है। यह नया सेक्टर भारत के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है। इस दिशा में 2022 में राजकोट में हुआ गो टेक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अब 2025 मई-जून में राजस्थान में आयोजित गो टैक देश में गो आधारिता उद्यमिता विकास की नई क्रांति का सूत्रपात है। यह गो महाकुंभ जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में 30-31 मई और 1-2 जून को आयोजित किया जा रहा है। गो टैक-2025 में गो आधारित विश्व शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी होगी। गो आधारित नवीन तकनीक का प्रदर्शन, गोबर-गोमूत्र प्रबंधन एवं प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी, नवीन गौ एवं कृषि तकनीक सम्मेलन तथा अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इसका मुख्य आयोजक देवराह बाबा गौ सेवा परिवार है। सह-आयोजक जीसीसीआई (ग्लोबल कान्डफ्रेडेशन ऑफ काऊ बेस्ड इंडस्ट्रीज) श्री गीर गोरक्ष है।
भारत में गौ पालन खेती से जुड़ा हुआ है। देश के हर गांव के अमूमन घरों में गाय पालन होता है। गाय हिन्दू संस्कृति में माता के समान पूजनीय है। साथ ही, गाय गांवों के आर्थिक तंत्र का आधार है। फिलहाल सिर्फ दूध से ही गोपालकों को आय होती है। प्रौद्योगिकी विकास के बाद गोबर-गोमूत्र प्रसंस्करण के खाद व कीटनाशक के अलावा 300 तरह के उत्पादन बनाए जा रहे हैं। गोबर-गोमूत्र कृषि भूमि के पोषण के अलावा गोबर गैस, गोबर से विद्युत उत्पादन और ऊर्जा स्त्रोत के रूप में भी उपयोग लेने की तकनीक विकसित हो गई है। जैविक खेती को बढ़ावा देने में गोबर-गोमूत्र की उपादेयता को राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि विज्ञान केन्द्र सम्बध्द संस्थान महत्व देने लगे हैं। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में भी जैविक खेती का महत्वपूर्ण स्थान रखा गया है। भारत विश्व का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश है। हर व्यक्ति के लिए संतुलित आहार उत्पादित करना बड़ी चुनौती है। आज भी देश की 56% आबादी परोक्ष-अपरोक्ष रूप से कृषि पर आधारित है। कृषि से सकल राष्ट्रीय उत्पादन 18% है। जबकि विश्व की 17% आबादी वाले भारत में प्राकृतिक संसाधनों में भूमि 2.4%, जल की उपलब्धता 4.0% है। खेती की उत्पादकता में गिरावट, कृषि में बढ़ती लागत, महंगे हो जा रहे खाद और कीटनाशक। ऐसे में गोबर और गोमूत्र का खेती में वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण कर खाद और कीट नाशक के रूप में उपयोग समय की मांग बन चुकी है। गो आधारित उत्पाद विनिर्माण, ऊर्जा, कृषि और अन्य उपयोग की तकनीकें इस गो टैक महाकुंभ में प्रदर्शित की जाएगी। यह गो महाकुम्भ गो टेक 2025 राजस्थान, उत्तर भारत और देश के लिए गो आधारित उद्यमिता के नये सेक्टर को स्थापित करने में महत्वपूर्ण आयोजन है। केन्द्र सरकार, राजस्थान सरकार, राज्यों की सरकारें और इस दिशा में काम करने वाली संस्थाओं को एक मंच पर आकर गो टेक से भारत में नई क्रांति के क़दम को आगे बढ़ाना चाहिए।