मेरी बात : पत्रकार भाइयो ! इतना सन्नाटा क्यों पसरा है ?
हाल ही बीकानेर में कवि कुमार विश्वास को बुलाया गया था। ..लेकिन कुमार से ज़्यादा मीडिया को पासेज न देने
30/08/2025
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आप में से ज़्यादातर लोगों ने कॉमेडी फिल्म ‘हेराफेरी’ ज़रूर देखी होगी। इस फिल्म में जो परेशानी बाबूराव को थी,
पत्रकार बंधुओ ! कुछ दिन पहले मैंने मीडिया की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए एक आलेख (यहां पढ़ें- पत्रकारो
किशमीदेसर में वर्षा जल निकासी की समस्या के मुद्दे पर आपके ‘ख़बर अपडेट’ की जीत हुई। क़रीब 15 दिनों से
गुरुवार को बीकानेर की एसकेआरएयू यूनिवर्सिटी में क़ानून मंत्री ने प्रेस के साथ जो बर्ताव किया, उस पर मैंने ‘मेरी
प्रिय पत्रकार साथियों ! आज ‘मेरी बात’ आप सबके लिये है। मेरी कोशिश रहेगी कि ये आलेख मैं देश के
15 अगस्त 2024 की तारीख़। आज़ादी का दिन। आप सबको स्वतंत्रता दिवस की बधाई। यह आर्टिकल लिखना शुरु करते ही
गोरख पांडे की कविता है, जो लोकसभा चुनाव के परिणामों पर मौजू लगती है- राजा ने कहा- “रात है।” रानी
पाठकों और दर्शकों ! आज बीकानेर का 537वां स्थापना दिवस है। पूरा शहर ख़ुशियों से झूम रहा है। इस ख़ुशी
चली चली रे पतंग मेरी चली रे..चली बादलों के पार, हो के डोर पे सवार.सारी दुनिया ये देख देख जली