विमर्श : नहरी पानी की राजनीति में बीजेपी बैकफुट पर आ चुकी है

इंदिरा गांधी नहर से बीकानेर के किसानों को अब चार में से दो समूह में पानी मिलेगा। इसे लेकर सिंचाई विभाग जल्द रेगुलेशन जारी करेगा। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार मांग कर रही थी। अब कांग्रेस की इस वाजिब मांग पर भाजपा सरकार और भाजपा नेताओं को मुंह की खानी पड़ी है। एक दिन पहले बीकानेर में पूर्व ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया था और संभागीय आयुक्त को राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा था। इस ज्ञापन में दो दिन अल्टीमेटम दिया गया था। नतीजा यह हुआ कि भाटी के नेतृत्व में कांग्रेस ने इस मुद्दे पर धरना, प्रदर्शन और रैली कर सरकार को बैकफुट पर ला दिया। मुद्दा इतना ठोस था कि सरकार से न उगलते बना और न ही निगलते। हारकर सरकार को कांग्रेस के सामने घुटने टेकने पड़े और फौरन चार में से दो समूह में पानी चलाने की सहमति देनी पड़ी। अब भले ही इसका श्रेय डॉ. विश्वनाथ मेघवाल लें, अर्जुन राम मेघवाल लें या अन्य कोई नेता, लेकिन हकीकत यह है कि सरकार को बीकानेर के कांग्रेसी नेताओं ने आईना दिखा दिया। भंवर सिंह भाटी की हार के बाद पहला दांव सफल रहा। कांग्रेस संगठित दिखाई दी। यह भी साबित हुआ कि भले ही भंवर सिंह चुनाव हार गए हों लेकिन उनके साथ आज भी जन बल है। वे बीकानेर में कांग्रेस की राजनीति में अपनी अलग हैसियत रखते हैं।

इंदिरा गांधी नहर से 4 में से 2 समूहों में पानी चलाने की संदेश यह गया कि राजस्थान में बीजेपी सरकार में न तो संवेदनशीलता है और न ही बीजेपी नेताओं में जनहित के मुद्दों पर जागरुकता। प्रशासन तो न सुनता है और न ही देखता है। ये बात तो वे जान सकते हैं, जो नहरी क्षेत्र के किसानों के वोट बैंक और राजनीति को समझते हैं। वे ही समझते हैं कि इस मुद्दे पर सरकार और भाजपा नेताओं की साख कितनी गिरी है। बहरहाल, इस पूरे मामले में राजस्थान सरकार और बीकानेर के बीजेपी नेताओं की फजीहत हुई है, जो अब श्रेय लेने के लिए झूठे दावे कर रहे हैं। मौसम की नजाकत , इलाके में कम वर्षा से खरीफ की फसल प्रभावित होना, पोंग बांध में पानी की पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए जो रेगुलेशन जारी किया,वो चार समूहों में से दो का ही होना चाहिए था। लेकिन न तो भाजपा के नेताओं में किसानों प्रति कोई जागरूकता दिखाई दी और न नहर विभाग के अफसरों में सही निर्णय का सामर्थ्य दिखाई दिया। प्रशासन पर्वसरकार को तो फिर कुछ कहना ही बेमानी है। कांग्रेस और कांग्रेस नेता भंवर सिंह भाटी की सरकार ने चारों तरफ वाहवाही करवा दी। कांग्रेस के नेता गोविंद मेघवाल, सुशील रामेश्वर डूडी, राजेंद्र मूड, बिशना राम, मदन मेघवाल, मकसूद अहमद ने सरकार की बखिया उधेड़ी, वो अलग। ऐसे कैसे चलेगा सरकार ?

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