जोड़बीड़ विकास समिति ने सीएम को ज्ञापन देकर क्या मांग की?

बीकानेर। जोड़बीड़ आवासीय योजना को लेकर ‘जोड़बीड़ विकास समिति’ ने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को ज्ञापन दिया है। जिसमें जोड़बीड़ आवासीय योजना की पुनर्जीवन के लिये आगामी राजस्थान बजट 2026-27 में विशेष बजट पैकेज की मांग की गई है। समिति की मांग है कि जोड़बीड़ आवासीय योजना के विकास के लिये जल्द से जल्द संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाए।
आपको बता दें जोड़बीड़ आवासीय योजना साल 2007-08 में शुरु की गई थी। इसमें अब तक हजारों भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इस योजना के आवंटियों का आरोप है कि “योजना शुरु होने के बाद से अब तक.. इन 18 सालों में यहां किसी तरह का विकास नहीं हुआ है। जिसके चलते यहां एक भी मकान नहीं बन सका है। हम बरसों से शिकायतें भी दर्ज करवा रहे हैं, लेकिन कोई संतोषजनक कार्यवाही नहीं की जा रही है। हर बार एक ही जवाब मिलता है “आवश्यकतानुसार कार्य करवाये जा रहे हैं।” लेकिन डेवलेपमेंट के नाम पर कभी कुछ नहीं होता। यह स्थिति जिम्मेदारों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आज यह योजना प्रशासनिक विफलता का प्रतीक बन चुकी है।“

इस ज्ञापन में समिति ने जोड़बीड़ क्षेत्र में मृत पशुओं की खुले में डंपिंग की समस्या और योजना को RERA में पंजीकरण नहीं करने का मुद्दा भी फिर से उठाया है। सदस्यों का कहना है कि “2017 के बाद लॉन्च किए गए चरणों का RERA में पंजीकरण नहीं किया गया, जबकि निजी बिल्डरों के लिए यह अनिवार्य है। ऐसा होने से सरकारी योजना की पारदर्शिता और विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है।”
जोड़बीड़ विकास समिति के अध्यक्ष अंकित डूडी का कहना है कि “हमने इस ज्ञापन में सीएम साहब को आवंटियों की समस्याओं से अवगत करवाया है। इस योजना में अब तक करोड़ों रुपये लिये जा चुके हैं लेकिन आवंटी आज भी बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे हैं। हमारी मांग है कि जोड़बीड़ आवासीय योजना को लंबित परियोजना मानते हुए इसे विशेष तरजीह दी जाए। इसके विकास के लिये बहुवर्षीय बजटीय पैकेज स्वीकृत किये जाएं। अब तक हुए खर्च और अधूरे कार्यों का विशेष ऑडिट कराया जाए। मूलभूत सुविधाओं का समयबद्ध विकास सुनिश्चित किया जाए।लीज़ राशि में पूर्ण माफी या बड़ी राहत दी जाए। योजना से एकत्र समस्त धनराशि का उपयोग केवल जोड़बीड़ क्षेत्र के विकास में ही किया जाए। हमें उम्मीद है कि हमारे ज्ञापन पर सुनवाई होगी।”

BDA का आवंटीयौ के साथ प्लॉट तक मूलभूत सुविधाए 18 साल षुरानी योजना मे न देना बड़ा धोखा है जोडबीडकॉलोनी माडल नही,वरन मोडा कर दिया है आवंटीयौ को।जोडबीड के मृतपशु डम्पिग,जिसको 2023 मे sifting का प्लान धा,अब तक वही ताल ठोके खड़ा ,कोड मे खाज वाली बात है।अभी जोडबीड मे BDA office शिलान्यास व science पार्क inoculation के आसपास Road बनी हैकि तब आने वालो को बैवकुफ बनाए,जब कि वहा स्थिति हकीकत से परे है।BDA or बीकानेर के जनप्रतिनिधियो के मन ही काला है आवंटन की राशि अन्यत्र लगाने हेतु RERE Registration नही करवाया।RERA मे complane हुयी तो,RERA भी पाक साफ नही।बहरे आओर आख मे धुल , कितने समय तक जिम्मेदारो?
और BDA से सवाल पूछते है तो बताया जाता है कि #मौके_पर_आवश्यकता_अनुसार_कार्य_किए_जा_रहे_है ।
कोई उनसे पूछे 18 साल से कौनसे काम हो रहे है आवश्यकता अनुसार ?
जोड़ बीड़ से संबंधित न शिकायत का जवाब आता है / न ही RTI का
स्पष्ट गलत मनसा दिखा रहा है BDA (BIKANER DEVLOPMENT AUTHORITY) ।
BDA का आवंटीयौ के साथ प्लॉट तक मूलभूत सुविधाए 18 साल षुरानी योजना मे न देना बड़ा धोखा है जोडबीडकॉलोनी माडल नही,वरन मोडा कर दिया है आवंटीयौ को।जोडबीड के मृतपशु डम्पिग,जिसको 2023 मे sifting का प्लान धा,अब तक वही ताल ठोके खड़ा ,कोड मे खाज वाली बात है।अभी जोडबीड मे BDA office शिलान्यास व science पार्क inulguration के आसपास Road बनी हैकि तब आने वालो को बैवकुफ बनाए,जब कि वहा स्थिति हकीकत से परे है।BDA or बीकानेर के जनप्रतिनिधियो के मन ही काला है आवंटन की राशि अन्यत्र लगाने हेतु RERE Registration नही करवाया।RERA मे complane हुयी तो,RERA भी पाक साफ नही।बहरे ओर आख मे धुल , कितने समय तक जिम्मेदारो?
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