सक्सेस टॉक्स : चारों स्पीकर्स ने अपनी कहानियों से जनता में जोश भर दिया
“उस लड़के ने सरेआम मेरे चेहरे पर एसिड फेंक दिया। भले ही मेरी शक्ल बदल डाली, लेकिन मेरा मन नहीं। मैंने उसे तब 10 साल की सजा दिलवाई थी, जब देश में एसिड को लेकर कोई क़ानून भी नहीं बना…
पत्रकारिता के मूल्यों की पुनर्स्थापना के लिए ‘जर्नलिस्ट फ़ॉर जर्नलिज्म..’ ऑर्गेनाइजेशन की स्थापना
जयपुर के सरस संकुल स्थित पार्लर में आज ‘जर्नलिस्ट फ़ॉर जर्नलिज्म, फ्रीडम फॉर जर्नलिज्म’ ऑर्गेनाइजेशन (राजस्थान) की बैठक रखी गई। जिसमें ‘पत्रकारिता के मूल्यों की पुनर्स्थापना’ के विषय पर विस्तार से चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में पत्रकारिता जगत से…
मेरी बात : आइए, ऐसा करके पत्रकारिता की ‘तसवीर’ बदलें
पत्रकार बंधुओ ! कुछ दिन पहले मैंने मीडिया की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए एक आलेख (यहां पढ़ें- पत्रकारो ! जागो..) लिखा था जिसमें आप सबसे जानना चाहा था कि क्या ऐसा कुछ नहीं किया जा सकता- जिससे मीडिया…
Success Talks : “हाथ-पैर नहीं हैं तो क्या हुआ, मुझे मां ने हौसलों से उड़ना सिखाया है”
कोई दु:ख मनुष्य के साहस से बड़ा नहीं… हारा वही, जो लड़ा नहीं.. कवि कुंवर नारायण सिंह की ये पंक्तियां… रोशन नागर पर एकदम फिट बैठती हैं.. जयपुर के रहने वाले रोशन नागर आज लाखों लोगों के लिये प्रेरणास्त्रोत हैं…..
Success Talks : ये कहानी आपको जिंदगी जीना सिखा देगी। Sarika Singh
अटूट..अथक और अदम्य साहस का दूसरा नाम सारिका सिंह… आप सारिका को बीबीसी पर न्यूज प्रजेंट करते अक्सर देखते होंगे, लेकिन उनके बीबीसी तक पहुंचने की कहानी आपको शायद ही मालूम होगी. बिहार के एक छोटे से कस्बे से बड़े…
Success Talks : सरपंच Shyam Sundar Paliwal ने Piplantri को दुनिया का सबसे सुंदर गांव बना दिया
राजस्थान के राजसमंद का पिपलांत्री गांव, जहां दुनिया की सबसे बड़ी संगमरमर की खानें हैं. यहां पर सैकड़ों फीट खुदाई होने के चलते पेड़ खत्म हो गये, जंगल खत्म हो गये, जमीन में वाटर लेवल 900 फीट नीचे चला…
‘सक्सेस टॉक्स’ में रीयल हिरोज ने सुनाई अपनी कहानियां
बीकानेर। रविवार को बीकानेर के रविंद्र रंगमंच में ख़बर अपडेट द्वारा पॉजीटिव जर्नलिज्म प्रोग्राम- ‘सक्सेस टॉक्स’ का आयोजन किया गया। जिसमें राष्ट्रीय स्तर के 3 वक्ताओं- पद्मश्री श्याम सुंदर पालीवाल, बीबीसी न्यूज की सीनियर जर्नलिस्ट सारिका सिंह और युवा मोटिवेशन…
मजबूत लोकतंत्र के लिये ‘पॉजीटिव जर्नलिज्म’ को संबल देने की ज़रुरत
“भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ। लेकिन मौजूदा दौर में मीडिया रूपी पिलर डगमगा रहा है। आज जब पत्रकारिता ही अपना कर्तव्य पथ छोड़ती जा रही है तो मजबूत लोकतंत्र की उम्मीद…
‘द चेंजमेकर’- डॉ. कथीरिया कैसे देश की तकदीर बदलने वाले हैं?
‘द चेंजमेकर’ में आज हम आपकी मुलाक़ात कराने जा रहे हैं एक ऐसे शख़्सियत से, जिन्होंने देश में गौ उद्यमिता के क्षेत्र में एक मिसाल पेश की है, जो देश में एक नई क्रांति के जनक के तौर पर पहचाने…