आदर्श विद्या मंदिर में 2 दिसंबर से समर्थ शिशु श्रीरामकथा का आयोजन

बीकानेर। शनिवार को गंगाशहर के आदर्श विद्या मंदिर में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। जिसमें पत्रकारों को समर्थ शिशु श्रीरामकथा का आयोजन से जुड़ी जानकारियां साझा की गईं। आदर्श शिक्षण संस्थान, बीकानेर के जिला सचिव मूलचंद सारस्वत ने बताया कि “आदर्श विद्या मंदिरों की योजना के विषयों को समाज तक पहुंचाने के उद्देश्य से 2 दिसंबर से 6 दिसंबर तक समर्थ शिशु श्रीरामकथा का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन केशव मार्ग स्थित आदर्श विद्या मंदिर, गंगाशहर के प्रांगण में रखा जाएगा। इस दौरान रामचरितमानस और अन्य पुराणों के रहस्यों को सरल और संगीतमय ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।”
समिति संयोजक रामलाल प्रजापत ने बताया कि “2 दिसम्बर को इस आयोजन की शुरुआत भव्य कलश शोभायात्रा से की जाएगी। यह शोभायात्रा शहर के अलग-अलग मार्गों से निकाली जाएगी। श्रीराम कथा के पांचों दिनों में क़रीब 10 हज़ार श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। हमने इसमें समाज के हर वर्ग को जोड़ने का प्रयास किया है। आयोजन में अलग-अलग समाजों के गणमान्य लोग शिरकत करेंगे। साथ ही संत समाज से विमर्शानंद गिरि जी, सरजूदास जी महाराज, मुरली मनोहर धोरे से संतजन शामिल होंगे।”

समिति के लक्ष्मण रामावत ने बताया कि “श्रीरामकथा का वाचन पंडित श्याम स्वरूप जी मनावत करेंगे। श्रद्धालु 2 से 6 दिसंबर को दोपहर 1 से 4 बजे तक हर दिन कथा का आनंद ले सकेंगे। ख़ास बात यह कि हर दिन विशेष वर्ग के लिये कथा रहेगी। जिसमें नवदंपति, गर्भवती, 0 से 1 वर्ष के शिशुओं की माताएं, 1 से 3 वर्ष की आयु के शिशुओं की माताएं, 3 से 5 वर्ष के शिशुओं की माताओं के शिक्षण जैसे सोपान रखे गये हैं।”
समिति के व्यवस्थापक भैंरूदान सेठिया ने इस आयोजन की व्यवस्थाओं के बारे में बताया कि “इस आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियां जोरों-शोरों पर हैं। इसमें बीकानेर की चारों दिशाओं से श्रद्धालु आ रहे हैं। इसके लिये हमने बसों की व्यवस्था की है। इसके अलावा कुल 18 तरह की व्यवस्थाएं की गई हैं।”
आख़िर में श्रीराम कथा आयोजन के पोस्टर का विमोचन भी किया गया। आपको बता दें कि इस कथा का ऑनलाइन प्रसारण भी किया जाएगा ताकि श्रद्धालु घर बैठे-बैठे भी इस आयोजन का लाभ उठा सकें। प्रेस कॉन्फ्रेंस में आदर्श विद्या मंदिर उ. मा. विद्यालय के प्रधानाध्यक नवल सैनी, प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यक सुनील माली भी उपस्थित रहे।
